अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बाद ईरान के प्रतिनिधि वार्ता स्थल से बाहर निकल गए हैं। यह घटना तब हुई जब हिजबुल्लाह को समर्थन देने के कारण इस्लामिक रिपब्लिक पर हमलों की मांग की गई। इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच तेहरान ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को उनके बयानों के प्रति सतर्क रहने की चेतावनी दी है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि बाहरी दबाव या धमकियां बातचीत की प्रक्रिया में बाधा डाल रही हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस घटनाक्रम के बाद राजनयिक संबंधों पर पड़ने वाले प्रभाव को देख रहा है। फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच तनाव चरम पर है और बातचीत ठंडे बस्ते में चली गई है।
