स्विट्जरलैंड में अमेरिकी समकक्षों के साथ हाथ मिलाने के समारोह में ईरानी वार्ताकारों की अनुपस्थिति ने भविष्य के तनावों का संकेत दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान, अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप से हर छोटी रियायत के बदले में अधिकतम लाभ प्राप्त करने की रणनीति अपना रहा है। यह घटनाक्रम, शुक्रवार को हुई एक छोटी सी लेकिन महत्वपूर्ण घटना थी, जो आने वाले समय में होने वाली कठिन वार्ताओं की झलक दिखाती है। ईरान स्पष्ट रूप से यह संदेश दे रहा है कि वह किसी भी समझौते पर आसानी से नहीं पहुंचेगा। अमेरिका को हर मिलीमीटर रियायत के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। यह कूटनीतिक गतिरोध, दोनों देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और बढ़ा सकता है। इस घटना से यह भी पता चलता है कि ईरान अब पहले की तरह कमजोर स्थिति में नहीं है और अपनी शर्तों पर बातचीत करने को तैयार है।
