ईरान के विदेश मंत्री ने सरकारी टेलीविजन को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि परमाणु मुद्दे पर चर्चा बाद में की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान ने युद्ध जीत लिया है। मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि कोई भी समझौता परिवर्तन के अधीन है और अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है। उन्होंने लेबनान के प्रति ईरान के अटूट समर्थन का वादा किया, यह कहते हुए कि ईरान लेबनान को कभी अकेला नहीं छोड़ेगा। यह बयान क्षेत्रीय तनाव और परमाणु वार्ता की गतिरोध के बीच आया है। ईरान का रुख परमाणु समझौते को लेकर बातचीत को आगे बढ़ाने की इच्छा दर्शाता है, लेकिन साथ ही अपनी शर्तों पर समझौता करने की दृढ़ता भी दिखाता है। लेबनान के प्रति समर्थन का वादा क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है।