ईरान के मीनाब शहर में हुए एक स्कूल पर हमले की त्रासदी को पांच महीने बीत चुके हैं, लेकिन दर्द अभी भी ताजा है। एक शिक्षिका और एक माँ हमले की भयावहता को याद करते हुए गहरे दुःख में हैं। इस हमले में 120 बच्चों की जान चली गई थी, जिसने पूरे समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। बीबीसी ने इस घटना की जांच की है और पीड़ितों की कहानियों को सामने लाने का प्रयास किया है। यह घटना ईरान में नागरिकों पर हो रहे हमलों की गंभीरता को दर्शाती है। हमलावरों की पहचान और उनके मकसद अभी भी स्पष्ट नहीं हैं, जिससे इस त्रासदी के पीछे का सच सामने आना मुश्किल हो रहा है। यह घटना मानवाधिकारों और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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