सूत्रों के अनुसार, ईरान ने हाल ही में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के दस से इक्कीस कर्मियों, जिनमें वरिष्ठ कमांडर भी शामिल थे, को यमन के हौथियों के नियंत्रण वाले होदेidah शहर में भेजा है। यह तैनाती सऊदी अरब के खिलाफ हौथियों द्वारा घोषित नाकेबंदी से कुछ दिन पहले हुई थी। माना जा रहा है कि यह कदम हौथियों को सैन्य सहायता प्रदान करने और क्षेत्र में तनाव बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस तैनाती में मिसाइल उपकरण भी शामिल थे, जिससे हौथियों की सैन्य क्षमता में वृद्धि होने की आशंका है। इस घटनाक्रम से यमन में चल रहे संघर्ष और क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। पश्चिमी खुफिया सूत्रों ने इस जानकारी की पुष्टि की है, लेकिन ईरान और हौथियों ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस कदम से इस क्षेत्र में एक नई शक्ति संघर्ष की आशंका जताई जा रही है।