अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण को लेकर तनाव बढ़ गया है। ईरान के वार्ता प्रमुख ने कहा है कि ‘समझौते’ को मानने का कोई कारण नहीं है। यह बयान दोनों देशों के बीच पहले हुए युद्धविराम समझौते की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। दोनों देशों के बीच सशस्त्र टकराव जारी है, जिसके कारण समझौते की व्यवहारिकता कम हो गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रखने की ईरान की प्रतिबद्धता भी स्पष्ट की गई है। इस स्थिति से क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद का समाधान कूटनीति के माध्यम से ही संभव है।