तेहरान ने हाल ही में जारी एक बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, अमेरिका और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के हस्तक्षेपवादी रुख को अस्वीकार किया है। ईरान ने विशेष रूप से मिसाइल कार्यक्रम, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा और क्षेत्र में सक्रिय सशस्त्र समूहों से संबंधित चिंताओं को निराधार बताया है। ईरान का कहना है कि ये आरोप उसकी क्षेत्रीय नीतियों को कमजोर करने का प्रयास हैं। जीसीसी और अमेरिका ने ईरान पर क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालने का आरोप लगाया था, जिसके जवाब में ईरान ने यह बयान जारी किया है। तेहरान ने जोर देकर कहा है कि उसकी रक्षा और सुरक्षा नीतियां पूरी तरह से संप्रभु हैं और किसी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मुद्दे पर आगे तनाव बढ़ने की आशंका है, क्योंकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी स्थिति पर अड़े हुए हैं। ईरान ने क्षेत्रीय मामलों में रचनात्मक संवाद के लिए अपनी तत्परता व्यक्त की है, लेकिन बाहरी दबाव में झुकने से इनकार किया है।