ईरान के उप विदेश मंत्री ने कानूनी और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के संबंध में स्पष्ट रूप से कहा है कि कुछ देशों द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए दक्षिणी मार्ग प्रस्तावित किया गया है, लेकिन ईरान इस मार्ग को मान्यता नहीं देता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान इस मार्ग को एक घंटे के लिए भी स्वीकार नहीं करेगा। यह बयान हाल ही में क्षेत्रीय जलमार्गों के उपयोग को लेकर चल रहे तनाव के बीच आया है। ईरान का यह रुख दिखाता है कि वह जलडमरूमध्य के माध्यम से शिपिंग लेन के नियंत्रण पर अपनी संप्रभुता बनाए रखना चाहता है। यह अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों और सुरक्षित नौवहन के अधिकार के संबंध में भी महत्वपूर्ण है। ईरान का यह बयान क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक व्यापार पर संभावित प्रभाव डाल सकता है। यह स्पष्ट है कि ईरान इस मुद्दे पर अपनी स्थिति पर अड़ा हुआ है।