ईरान ने पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति माइक पेंस के हालिया बयानों का खंडन करते हुए कहा है कि वह क्षतिग्रस्त परमाणु स्थलों की जांच के लिए अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के निरीक्षण की अनुमति नहीं देगा। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि देश अपनी जमी हुई संपत्ति का उपयोग कैसे करेगा, यह निर्णय लेने का एकमात्र अधिकार ईरान के पास है। लेबनान में संभावित संघर्ष की स्थिति को भी ईरान ने एक जोखिम कारक के रूप में चेतावनी दी है, जो किसी भी समझौते को प्रभावित कर सकता है। यह बयान, अमेरिकी अधिकारियों के साथ चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता के बीच आया है, जिसका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नियंत्रण स्थापित करना है। ईरान का रुख दर्शाता है कि वह अपनी संप्रभुता बनाए रखने और अपनी नीतियों पर खुद नियंत्रण रखने के लिए दृढ़ है। इस मामले में आगे की बातचीत और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। यह घटनाक्रम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है।