ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने रविवार को दोहराया कि उनका देश यूरेनियम संवर्धन का अधिकार नहीं छोड़ेगा। यह बयान तेहरान और वाशिंगटन के बीच ईरानी परमाणु कार्यक्रम पर किसी भी संभावित समझौते को जटिल बना देगा। पेज़ेश्कियान का यह रुख, ईरान के परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर चल रहे अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच आया है। यह घोषणा संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के साथ चल रही वार्ता के लिए एक चुनौती है, जो ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने की मांग कर रहे हैं। ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, लेकिन पश्चिमी देश इस पर संदेह व्यक्त करते हैं। इस मुद्दे पर आगे की बातचीत की संभावना अनिश्चित बनी हुई है। पेज़ेश्कियान के बयान से यह संकेत मिलता है कि ईरान अपनी परमाणु नीति पर समझौता करने के लिए तैयार नहीं है।