ईरान की न्यूज़ीलैंड के साथ 2-2 का रोमांचक ड्रॉ, भले ही प्रशंसनीय रहा, लेकिन टीम को विश्व कप से बाहर कर दिया। ईरानी खिलाड़ियों और समर्थकों ने इस परिणाम को निराशाजनक बताया है और फ़ीफ़ा पर आरोप लगा रहे हैं। उनका मानना है कि रेफ़री के कुछ विवादास्पद फ़ैसलों ने उनके विश्व कप में आगे बढ़ने की संभावनाओं को प्रभावित किया। मैच के बाद ईरान के खिलाड़ियों ने अपनी निराशा व्यक्त की और फ़ीफ़ा की आलोचना की। कई ईरानी मीडिया आउटलेट्स ने भी फ़ीफ़ा पर पक्षपात का आरोप लगाया है। इस ड्रॉ के बावजूद, ईरान ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और एक यादगार मैच खेला। हालांकि, यह परिणाम उनके लिए पर्याप्त नहीं था और वे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं।