ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ज़ोर देकर कहा है कि हाल ही में थोपा गया चालीस दिवसीय युद्ध क्षेत्रीय सुरक्षा की धारणा को मौलिक रूप से बदल देता है। उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि विदेशी सैन्य उपस्थिति सुरक्षा की गारंटी के बजाय एक दायित्व है। अराघची ने इस युद्ध को एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया, जिसने क्षेत्र को बाहरी ताकतों पर निर्भर रहने के भ्रम से बाहर निकाला है। उनका मानना है कि क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बाहरी हस्तक्षेप हानिकारक है। उन्होंने क्षेत्रीय देशों से अपनी सुरक्षा के लिए स्वयं जिम्मेदार बनने का आह्वान किया। इस युद्ध ने क्षेत्रीय शक्तियों के बीच सहयोग और आत्मनिर्भरता की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला है। अराघची का यह बयान ईरान की विदेश नीति में बदलाव का संकेत देता है, जो अब क्षेत्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देता है और बाहरी हस्तक्षेप का विरोध करता है।
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