पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का दावा है कि ईरान कभी परमाणु बम नहीं बनाएगा। हालांकि, परमाणु समझौते पर वार्ता अभी शुरू ही हुई है। हथियारों के नियंत्रण विशेषज्ञ केल्सी डेवनपोर्ट के अनुसार, ट्रम्प को अब तेहरान को एक नए समझौते के लिए महत्वपूर्ण रियायतें देनी पड़ेंगी। वर्तमान स्थिति में, पश्चिमी देशों की बातचीत की स्थिति पहले से कहीं अधिक कमजोर हो गई है। ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को सीमित करने के लिए एक नए समझौते पर पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। विशेषज्ञ का मानना है कि ट्रम्प प्रशासन को ईरान को समझौते के लिए मनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रोत्साहन देने होंगे। यह स्थिति ईरान को अपनी शर्तों पर बातचीत करने की अधिक शक्ति प्रदान करती है। इस समझौते की विफलता से मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ने का खतरा है।
