2015 की परमाणु समझौते पर बातचीत करने वाले अनुभवी राजनयिक हेल्गा श्मिट और हांस-डीटर लुकास ईरान और अमेरिका के बीच अटकी हुई वार्ताओं को लेकर चिंतित हैं। दोनों राजनयिकों के अनुसार, ईरानी वार्ताकार अत्यधिक शिक्षित, जानकार और बेहद सख्त रुख अपनाने वाले होते हैं। उनका मानना है कि ईरान अपनी रणनीति में दृढ़ है और रियायतें देने को तैयार नहीं है। वर्तमान में, परमाणु समझौते को पुनर्जीवित करने की कोशिशें गतिरोध में फंसी हुई हैं, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। श्मिट और लुकास ने ईरान के साथ बातचीत के अपने अनुभवों के आधार पर यह आकलन किया है। उनका कहना है कि ईरान की टीम अच्छी तरह से तैयार रहती है और अपने लक्ष्यों को लेकर प्रतिबद्ध रहती है।
