अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता में अंतिम समझौते तक पहुंचने की संभावना को विश्लेषकों ने कम बताया है। दोनों पक्षों द्वारा निर्धारित 60-दिवसीय समय सीमा के भीतर समझौता होने की उम्मीद कम है। अधिकांश विशेषज्ञों का मानना है कि कई चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं जो एक अंतिम समझौते को रोक सकती हैं। इन चुनौतियों की प्रकृति स्पष्ट नहीं है, लेकिन वे दोनों देशों के बीच गहरे अविश्वास और जटिल मुद्दों से संबंधित हो सकती हैं। फिलहाल, वार्ता जारी है, लेकिन सफलता की कोई गारंटी नहीं है। समझौते की विफलता से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।