हिज़्बुल्लाह का मानना है कि ईरान, इजराइल के लेबनान से पूरी तरह हटने के बाद ही अमेरिका के साथ अंतिम परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करेगा। ईरान के शीर्ष राजनयिक ने भी कहा है कि लेबनान में इजराइली सेना की मौजूदगी को अमेरिका-ईरान के बीच हुए समझौते का उल्लंघन माना जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजराइल ने मार्च में हिज़्बुल्लाह द्वारा इजराइल पर किए गए हमलों के जवाब में लेबनान के दक्षिणी हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया था। हिज़्बुल्लाह, ईरान समर्थित समूह है जिसने तेहरान के समर्थन में इजराइल पर हमले किए थे। इजराइल अभी भी लेबनान के दक्षिणी क्षेत्र पर नियंत्रण बनाए हुए है, जिसे उसने तीन महीने की सैन्य कार्रवाई के दौरान हासिल किया था। इस स्थिति से परमाणु समझौते की संभावना पर असर पड़ सकता है, क्योंकि हिज़्बुल्लाह का मानना है कि ईरान इस मुद्दे को समझौते की शर्तों से जोड़ेगा। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही वार्ता में लेबनान की स्थिति एक महत्वपूर्ण कारक बन सकती है।
