ईरान युद्ध के दौरान, अमेरिका ने प्रभावी रूप से अपनी इंटरसेप्टर मिसाइलों का इस्तेमाल किया है। इस वजह से, अमेरिका के पास अब मिसाइल की कमी हो रही है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान रूस से रणनीति सीख रहा है और इस स्थिति का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। ईरान का उद्देश्य अमेरिका की इस कमजोरी का इस्तेमाल करके अपने हितों को आगे बढ़ाना है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह स्थिति क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है। अमेरिका इस स्थिति से निपटने के लिए रणनीति बनाने में जुटा है, लेकिन मिसाइल आपूर्ति की कमी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। यह घटनाक्रम वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत देता है।