वाशिंगटन में नौ सितंबर को रॉयटर्स के अनुसार, ईरान द्वारा अमेरिकी सेना के एक जलमग्‍न ड्रोन को कब्‍जे में लेने से तेहरान को इसका अध्‍ययन करने और संभावित रूप से इसे रिवर्स-इंजीनियर करने का अवसर मिल गया है। इस घटना से पेंटागन और ड्रोन निर्माता एंडूरिल को एक झटका लगा है। ईरान अब इस ड्रोन की तकनीक को समझने और अपनी क्षमताओं को बढ़ाने का प्रयास कर सकता है। यह अमेरिकी नौसेना प्रौद्योगिकी के लिए एक संभावित सुरक्षा जोखिम पैदा करता है। विश्‍लेषकों का मानना है कि यह घटना ईरान की समुद्री क्षमताओं को बढ़ाने के उद्देश्‍य से प्रेरित है। इस आपरेशन से ईरान को भविष्‍य में इसी तरह के ड्रोन विकसित करने में मदद मिल सकती है। यह घटना क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव को भी बढ़ा सकती है।