ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने स्विट्जरलैंड में होने वाले नए दौर के वार्ता में तेहरान की भागीदारी की पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करना है। प्रवक्ता के अनुसार, अंतिम समझौते पर चर्चा तब तक शुरू नहीं की जा सकती जब तक कि दस्तावेज़ के पांच प्रमुख बिंदुओं को लागू नहीं कर दिया जाता। ईरान ने इन शर्तों को वार्ता की पूर्व शर्त के रूप में रखा है। यह कदम दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों और समझौतों की गंभीरता को दर्शाता है। फिलहाल तेहरान इन पांच बिंदुओं के कार्यान्वयन पर जोर दे रहा है। इस रणनीतिक रुख से स्पष्ट है कि ईरान बिना ठोस प्रगति के अंतिम समझौते की ओर नहीं बढ़ेगा।