तेहरान ने स्पष्ट किया है कि ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते के अंतिम चरण की वार्ता तभी शुरू हो सकती है जब समझौते के कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूरी तरह से अमल किया जाए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बक़ाई ने बताया कि ज्ञापन (MoU) के अनुच्छेद 1, 4, 5, 10 और 11 को लगातार लागू रखना आवश्यक है। उनका कहना है कि इन शर्तों का पालन होने के बाद ही आगे की बातचीत संभव है। यह बयान अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर चल रही अनिश्चितता के बीच आया है। ईरान का जोर इस बात पर है कि अमेरिका को पहले समझौते की शर्तों को निभाना होगा, तभी वह अंतिम समझौते पर विचार करने को तैयार है। इस रुख से यह संकेत मिलता है कि ईरान समझौते के प्रति गंभीर है, लेकिन वह किसी भी एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ है। बक़ाई ने इस बात पर भी जोर दिया कि समझौते का निरंतर पालन महत्वपूर्ण है।
