विश्लेषकों के अनुसार, ईरान अमेरिका द्वारा थोपे गए शांति समझौते को स्वीकार करने के बजाय समय लेने का विकल्प चुन सकता है। एंटी-ज़ायोनिस्ट अमेरिका पीएसी के निदेशक डॉ. माइकल रेक्टेनवाल्ड का कहना है कि जब तक अमेरिका ईरान की बुनियादी सुरक्षा चिंताओं को संबोधित करने वाले प्रस्ताव नहीं देता, तब तक तेहरान के लिए प्रतीक्षा करना एक तर्कसंगत रणनीति बनी रहेगी। उनका मानना है कि अमेरिका एकतरफा रियायतें मांग रहा है, जो ईरान के लिए स्वीकार्य नहीं है। ईरान अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देगा और अमेरिका पर बातचीत में अधिक अनुकूल शर्तों के लिए दबाव बनाने की कोशिश करेगा। यह स्थिति तब तक जारी रहने की संभावना है जब तक अमेरिका ईरान की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करता। इस दृष्टिकोण से ईरान का उद्देश्य अपनी स्थिति को मजबूत करना और एक ऐसे समझौते पर पहुंचना है जो उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा करे।
