ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दशकों से चल रहे तनाव और साज़िशों के कारण 2026 में अमेरिका और इज़राइल ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू कर दिया। यह संघर्ष, ईरान के परमाणु महत्वाकांक्षाओं और क्षेत्रीय शक्तियों के बीच जटिल संबंधों का परिणाम है। लंबे समय से, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी देशों, विशेष रूप से इज़राइल और अमेरिका की चिंताएं रही हैं। इस कार्यक्रम को रोकने के लिए कई तरह के प्रयास किए गए, जिनमें गुप्त अभियान और कूटनीतिक दबाव शामिल थे। इन प्रयासों के बावजूद, ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाया, जिससे तनाव बढ़ता गया। 2026 में, यह तनाव एक पूर्ण युद्ध में बदल गया, जिसके दूरगामी परिणाम हुए। इस युद्ध ने मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ा दी है और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर दिया है।
