अमेरिका और ईरान के बीच एक ढांचागत समझौते के तहत, ईरान में निवेश को बढ़ावा देने के लिए ३०० अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग ५.३ खरब रुपये) का एक निजी कोष स्थापित किया गया है। रॉयटर्स के सूत्रों के अनुसार, इस कोष का आधा हिस्सा पहले ही प्रतिबद्ध किया जा चुका है। यह समझौता ईरान में विदेशी निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से किया गया है। सूत्रों ने बताया कि यह कोष ईरान की अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। समझौते की विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन यह दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कोष के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावना है, जिससे ईरान के विकास को बढ़ावा मिलेगा।