स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक वार्ता का पहला दिन 21 जून को संपन्न हुआ। कतर और पाकिस्तान ने इस वार्ता में मध्यस्थता की भूमिका निभाई। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने इन चर्चाओं को ‘ऐतिहासिक’ बताया है। ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालीबाफ ने वार्ता का नेतृत्व किया। वर्तमान में, गालीबाफ को सर्वोच्च नेता और क्रांति रक्षक बल दोनों के लिए एक विश्वसनीय व्यक्ति माना जाता है। यह बल अब ईरान की शासन व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ बन गया है, और निर्णय लेने की प्रक्रिया में इसकी भूमिका बढ़ती जा रही है। यह वार्ता दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के प्रयासों का हिस्सा है।
