ईरान के सर्वोच्च नेता मोज़्ताबಾ खामenei ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति का हस्ताक्षर अब महत्वहीन है, क्योंकि अमेरिका ने ईरान के साथ समझोते की शर्तों का बार-बार उल्लंघन किया है। इसी दिन तेहरान ने समझौते के तहत अपने दायित्वों को पूरा करना भी स्थगित कर दिया। यह समझौता अमेरिका और इजराइल द्वारा छेड़े गए युद्ध में शांति की ओर एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा था। खामenei का कहना है कि अमेरिका की प्रतिबद्धताएँ खोखली साबित हुई हैं। इस कदम से क्षेत्र में तनाव बढ़ने की आशंका है। यह घोषणा ईरान और अमेरिका के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों को और जटिल बना देगी। तेहरान का यह निर्णय, परमाणु कार्यक्रम पर अंतर्राष्ट्रीय चिंताओं को भी बढ़ा सकता है।