ईरान की सरकार ने राष्ट्रीय प्रसारण संगठन (IRIB) पर राष्ट्रपति के भाषण के कुछ हिस्सों को प्रसारित न करने के कारण ‘सेंसरशिप’ का आरोप लगाया है। IRIB ने सरकार के ‘अनुचित आरोपों’ को खारिज किया है। यह टकराव ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिका के साथ वार्ता को लेकर मध्यस्थता प्रयासों में तेजी आई है। सरकार का कहना है कि IRIB ने जानबूझकर महत्वपूर्ण हिस्सों को हटाया, जिससे संदेश में बदलाव आया। वहीं, IRIB का कहना है कि प्रसारण में कोई हेरफेर नहीं किया गया और आरोपों का कोई आधार नहीं है। यह घटना ईरान में सूचना नियंत्रण और सरकार तथा मीडिया के बीच तनाव को दर्शाती है। इस विवाद के बीच, अमेरिका के साथ बातचीत के लिए राजनयिक प्रयास जारी हैं।