ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों को हटाने के बाद तेहरान को भारी आर्थिक लाभ हुआ है, जिससे अरबों डॉलर की जमा राशि जारी होने की उम्मीद है। इस कदम से ईरान की अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण वित्तीय इंजेक्शन मिलने की संभावना है। विशेष रूप से, ईरान की क्रांतिकारी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी), जो देश की अर्थव्यवस्था पर हावी है, को इससे लाभ होने की उम्मीद है। यह विकास संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ टकराव की स्थिति पैदा कर सकता है, क्योंकि दोनों देशों के बीच धन के उपयोग को लेकर मतभेद हैं। अमेरिका का मानना है कि इस धन का उपयोग आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है। ईरान का कहना है कि वह इस धन का उपयोग अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए करेगा। इस स्थिति से मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका है। प्रतिबंधों में ढील देने से ईरान की अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश क्षमता में भी वृद्धि होगी।