ईरान की अर्थव्यवस्था लगातार खराब हो रही है और लोगों का भविष्य अंधकारमय है। अधिकारियों का मानना है कि अगर स्थिति और बिगड़ती है, तो लोग विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर सकते हैं। देश पहले से ही युद्ध के कारण तबाह है और इस वजह से नागरिक और भी परेशान हैं। अमेरिका द्वारा लगाए गए दबाव को लेकर ईरानी शासक चिंतित हैं, क्योंकि इससे आर्थिक स्थिति और भी बदतर हो सकती है। उनका मानना है कि बढ़ते दबाव से देश में दोबारा अशांति फैल सकती है। सरकार स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन आर्थिक चुनौतियां बहुत गंभीर हैं। लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है, जो किसी भी समय विस्फोट कर सकता है।