ईरान में नेतृत्व का अभाव है, जिसके कारण युद्ध के उद्देश्य को लेकर दो गुट आपस में संघर्ष कर रहे हैं। कट्टरपंथी गुट, जो राज्य टेलीविजन को नियंत्रित करते हैं, ‘पूर्ण विजय’ के पक्ष में हैं और किसी भी समझौते का विरोध करते हैं। वहीं, व्यावहारिक गुट सैन्य दबाव को समझौते तक पहुंचने के एक तरीके के रूप में देखते हैं। यह विभाजन ईरान की नीति और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस आंतरिक संघर्ष से ईरान की विदेश नीति में अनिश्चितता बढ़ सकती है। दोनों गुटों के बीच तनाव बढ़ने से देश के भीतर और बाहर दोनों जगह जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। यह स्थिति क्षेत्रीय शक्तियों के लिए भी चिंता का विषय है।