ईरान के अधिकारियों ने अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करने के लिए अपनी तैयारी जताई है। उनका मानना है कि देश आत्मनिर्भरता के माध्यम से इन दबावों को झेल सकता है। हालांकि, उन्होंने आने वाले वर्ष को काफी चुनौतीपूर्ण और कठिन बताया है। ईरान अब अपनी अर्थव्यवस्था को बाहरी प्रभावों से बचाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। अमेरिकी प्रतिबंधों का उद्देश्य ईरान की आर्थिक शक्ति को कमजोर करना है। इसके जवाब में ईरान अपनी आंतरिक उत्पादन क्षमता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। यह संघर्ष अब एक लंबे समय तक चलने वाले आर्थिक युद्ध का रूप ले चुका है।