ईरान में दुर्घटनाग्रस्त हुए अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान के पायलट ने विमान पर हमला करने से पहले जेलीफ़िश जैसी ड्रोन संरचना देखी, ऐसा एक रिपोर्ट में दावा किया गया है। अमेरिकी खुफिया सूत्रों ने पायलट के इस दावे की सटीकता पर संदेह जताया है। पहले, यह माना जाता था कि ईरान के पास इस तरह की उन्नत ड्रोन तकनीक नहीं है। यह घटना ईरान की ड्रोन क्षमताओं के बारे में नए सवाल खड़े करती है। रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन का ‘मेश नेटवर्किंग’ इस्तेमाल किया गया था, जिससे ईरान को विमान को निशाना बनाने में मदद मिली होगी। फिलहाल, अमेरिकी खुफिया एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं और पायलट के बयान की पुष्टि करने का प्रयास कर रही हैं। यह दुर्घटना ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को और बढ़ा सकती है।
