वाशिंगटन और तेहरान के बीच समझोते के मसौदे के प्रकाशित होने के बाद, एक ईरानी सूत्र ने दावा किया है कि प्रस्तुत मसौदा “सटीक नहीं है और इसमें कई कमियाँ हैं”। ईरानी पक्ष मसौदे की सामग्री से असहमत है और इसे त्रुटिपूर्ण बता रहा है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ये कमियाँ क्या हैं या ईरान मसौदे में क्या बदलाव चाहता है। यह बयान दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत की जटिलता को दर्शाता है। इस मसौदे का प्रकाशन, संभावित समझौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा था, लेकिन ईरान की प्रतिक्रिया से इसमें अनिश्चितता आ गई है। आगे की बातचीत से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि क्या यह मसौदा अंतिम रूप लेगा या नहीं।