वियना में ईरान के दूतावास ने ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली द्वारा ईरान पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की इच्छा व्यक्त करने वाले संयुक्त बयान पर प्रतिक्रिया दी है। दूतावास का कहना है कि यूरोपीय देशों का यह निर्णय तेहरान को कोई रियायत नहीं देता है। ईरान का तर्क है कि ये प्रतिबंध मूल रूप से अवैध थे, इसलिए इन्हें हटाना कोई विशेष लाभ नहीं है। यह बयान इन देशों द्वारा ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को लेकर बढ़ते तनाव के बीच आया है। ईरान का मानना है कि प्रतिबंधों को हटाना एक न्यायपूर्ण कदम है, न कि कोई समझौता। दूतावास ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान अपने अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन किसी भी तरह के दबाव में नहीं आएगा। यह प्रतिक्रिया यूरोपीय देशों के रुख के प्रति ईरान के मजबूत दृष्टिकोण को दर्शाती है।