तेहरान के अंतरिम शुक्रवार के इमाम ने कहा है कि ईरानी जनता एक ऐसे शत्रु का सामना कर रही है जो वादों और संधियों का उल्लंघन करता है। उनका कहना है कि शत्रु संवाद और युद्धविराम की भाषा नहीं समझता, बल्कि केवल बल की भाषा समझता है। यह बयान तेहरान में शुक्रवार की नमाज़ के दौरान दिया गया। इमाम ने शत्रु की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए, बल प्रयोग को ही एकमात्र प्रभावी तरीका बताया। उन्होंने ईरानी जनता से शत्रु के इरादों के प्रति सतर्क रहने का आह्वान किया। यह टिप्पणी क्षेत्रीय तनाव और ईरान के साथ चल रहे विवादों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। यह बयान ईरान की सुरक्षा नीति और क्षेत्रीय चुनौतियों के प्रति उसकी प्रतिक्रिया को दर्शाता है।