तेहरान में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता तब तक आगे नहीं बढ़ेगी जब तक कि एक अंतरिम समझौता नहीं हो जाता। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की कुछ शर्तें हैं जिनका पालन किया जाना आवश्यक है, तभी अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। अराक्ची ने समझौते की शर्तों पर विस्तार से जानकारी नहीं दी, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपनी राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब वार्ता गतिरोध की स्थिति में है, और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर समझौते को पटरी से उतारने का आरोप लगा रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि ईरान का यह बयान अमेरिका पर दबाव बनाने का एक प्रयास है ताकि वह रियायतें दे। इस मामले में आगे की बातचीत का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।