ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद-रेज़ा अरेफ़ ने कहा है कि देश की रक्षा और सुरक्षा शक्ति वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति पर आधारित है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान प्रौद्योगिकी विकसित करने के लिए किसी की अनुमति नहीं चाहता, बल्कि अपनी उपलब्धियों को मित्र राष्ट्रों के साथ साझा करता है। उनका यह बयान ईरान की आत्मनिर्भरता और तकनीकी स्वायत्तता पर बल देता है। अरेफ़ ने देश के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने प्रतिबंधों के बावजूद महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान का तकनीकी विकास पूरी तरह से शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। यह बयान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ईरान के रुख को दर्शाता है, जो अपनी संप्रभुता और विकास के अधिकार की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है। ईरान का मानना है कि उसे अपनी सुरक्षा और प्रगति के लिए किसी बाहरी शक्ति पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं है।