ईरान के विशेष दूत रॉब मलान्सी वैंस ने कहा है कि यदि ईरान अपने व्यवहार में बदलाव करता है, तो उसे आर्थिक रूप से लाभ होगा। हालांकि, हाल ही में हुए एक समझौते (एमओयू) से यह संकेत मिलता है कि स्थिति कुछ और ही है। वैंस ने इस समझौते को 'जीत-जीत' की स्थिति बताया था। यह बयान ईरान के व्यवहार में संभावित बदलाव और उसके आर्थिक परिणामों के बारे में चल रही चर्चाओं के बीच आया है। एमओयू की शर्तों के अनुसार, ईरान को तत्काल आर्थिक राहत मिलने की संभावना नहीं है, भले ही वह कुछ शर्तों का पालन करे। विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता ईरान पर अधिक दबाव बनाने और उसे बातचीत की मेज पर लाने का प्रयास हो सकता है। इस स्थिति से ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है।
