अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा जल्द ही होने वाले ईरान शांति समझौते को डेमोक्रेटिक सांसद सेठ मौल्टन ने आत्मसमर्पण दस्तावेज बताया है। उनका कहना है कि यह समझौता अमेरिका को युद्ध से पहले जो कुछ भी हासिल था, उससे ज़्यादा कुछ नहीं दे पाएगा। इस समझौते को अमेरिका के लिए सबसे बड़ी विफलता और अपमानजनक माना जा रहा है। मौल्टन के अनुसार, यह समझौता अमेरिकी विदेश नीति में एक गंभीर चूक है। उनका मानना है कि इस समझौते से ईरान को लाभ होगा, जबकि अमेरिका को कोई ठोस लाभ नहीं मिलेगा। यह समझौता अमेरिका की विश्वसनीयता को भी कमज़ोर कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते के दीर्घकालिक परिणाम गंभीर हो सकते हैं।