इजराइल के लिए ईरान के साथ संभावित परमाणु समझौता एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अमेरिकी विदेश नीति में संभावित बदलावों के बीच, यह समझौता इजराइल की सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा सकता है। 'द टाइम्स ऑफ इजराइल' के अनुसार, इस समझौते पर अभी हस्ताक्षर होने की कोई निश्चित समय-सीमा नहीं है। ट्रंप प्रशासन के संभावित नए समझौता ज्ञापन (MOU) पर भी सवाल उठ रहे हैं, और इस पर विजेता और हारने वालों का आकलन किया जा रहा है। राजनयिक सूत्रों का कहना है कि इस समझौते के परिणामस्वरूप क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ सकती है। इजराइल इस समझौते को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मान रहा है और इस पर अपनी रणनीति पर पुनर्विचार कर रहा है। इस स्थिति में, इजराइल अमेरिका के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है।