मध्य पूर्व मामलों की बीबीसी की संवाददाता के अनुसार, डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के साथ किए गए युद्धविराम समझौते ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सामने एक नई राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी दुविधा खड़ी कर दी है। यह समझौता नेतन्याहू के लिए एक बड़ी चुनौती है क्योंकि इससे ईरान पर उनका प्रभाव कम हो सकता है। इस समझौते के कारण इजराइल की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। नेतन्याहू अब इस स्थिति से निपटने के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। उनका मानना है कि यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है। इस समझौते के बाद इजराइल और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। नेतन्याहू इस समझौते के प्रभावों का आकलन करने और अपनी प्रतिक्रिया तय करने के लिए अपने सलाहकारों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं।