अमेरिका के पूर्व विदेश विभाग सलाहकार वाली Nasr ने ईरान के साथ समझौते की घोषणा के बावजूद सैन्य तनाव बढ़ने की आशंका व्यक्त की है। उनका कहना है कि ईरानी पक्ष एकमत नहीं हो पा रहा है, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का लगातार बदलता रवैया है। Nasr, जो जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय में प्रोफेसर भी हैं, का मानना है कि ट्रंप के अनिश्चित फैसलों के कारण ईरान के लिए किसी समझौते पर पहुंचना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने इस स्थिति को खतरनाक बताते हुए सैन्य संघर्ष की संभावना से इनकार नहीं किया। Nasr ने ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि लगातार बदलते मापदंडों से बातचीत की प्रक्रिया बाधित हो रही है। इस अनिश्चितता के कारण ईरान के भीतर भी मतभेद बढ़ रहे हैं, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति में कूटनीति को सफल बनाने के लिए ट्रंप प्रशासन को स्पष्ट और सुसंगत नीति अपनानी होगी।