ईरान में अमेरिका के साथ संभावित समझौते को लेकर गुटों में मतभेद उभर कर सामने आए हैं, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि ये मतभेद वार्ता प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए पर्याप्त नहीं हैं। पांच सप्ताह के युद्धविराम के बाद, और इस महीने एक समझौते के समापन के बाद, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर घलीबाफ ने स्विट्जरलैंड में कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में बातचीत की। इस बातचीत का उद्देश्य एक अंतिम समझौते की दिशा में आगे बढ़ना है। सूत्रों के अनुसार, ईरान के भीतर समझौते को लेकर ‘व्यवहारिक’ और ‘कट्टरपंथी’ गुटों के बीच विभाजन है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि आंतरिक विभाजन अकेले वार्ता को रोकने में सक्षम नहीं होंगे। यह वार्ता ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। फिलहाल, बातचीत जारी रहने की उम्मीद है।
