पूर्व सैन्य अधिकारी और प्रोफेसर याकोब नागल ने ईरान और अमेरिका के बीच बन रहे समझौते पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस समझौते को ‘भयानक’ बताते हुए कहा कि इसमें किसी के लिए भी कोई सकारात्मक पहलू नहीं है। नागल ने समझौते की शर्तों पर निराशा व्यक्त की और इसे किसी भी पक्ष के लिए लाभकारी नहीं बताया। उनका मानना है कि यह समझौता क्षेत्र में तनाव कम करने के बजाय और बढ़ा सकता है। इस बयान ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चल रही चिंताओं को और गहरा कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समझौता दोनों देशों के बीच संबंधों को जटिल बना सकता है। नागल के इस बयान से समझौते की भविष्य की दिशा पर सवाल उठ रहे हैं।