अमेरिका द्वारा अस्थायी प्रतिबंधों में छूट मिलने के बाद ईरान एशिया में अपने तेल के लिए नए खरीदार तलाश रहा है, जिसमें भारत, जापान और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। इस कदम का उद्देश्य समुद्र में जमा लाखों बैरल तेल को खपाना और चीन से बाहर ग्राहक आधार में विविधता लाना है। कुछ रिफाइनरियां सावधानीपूर्वक अवसरों की तलाश कर रही हैं, लेकिन अमेरिकी नीति की अनिश्चितता और वैकल्पिक आपूर्ति की पर्याप्तता तत्काल प्रतिबद्धताओं को कम कर रही है। ईरान दीर्घकालिक समझौतों और अन्य ऊर्जा उत्पादों पर भी चर्चा कर रहा है। फिलहाल, बाजार में स्थिति अनिश्चित बनी हुई है, और यह देखना बाकी है कि क्या एशियाई देश ईरानी तेल का आयात फिर से शुरू करेंगे। ईरान का यह प्रयास वैश्विक तेल बाजार में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।