ईरान की उच्च मानवाधिकार परिषद (HCHR) ने अमेरिकी वित्त सचिव के हालिया बयानों की कड़े शब्दों में आलोचना की है। अमेरिकी प्रस्ताव में सुझाव दिया गया था कि ईरान की जमी हुई सरकारी संपत्तियों का उपयोग वाशिंगटन के क्षेत्रीय सहयोगियों को मुआवजा देने के लिए किया जा सकता है। यह मुआवजा कथित तौर पर ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच हालिया संघर्षों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए दिया जाना था। तेहरान ने इस प्रस्ताव को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया है। ईरान का तर्क है कि यह कदम संप्रभु राज्यों के बीच संबंधों के बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है। परिषद ने स्पष्ट किया कि किसी भी देश की संपत्ति का इस तरह का पुनर्वितरण अवैध है। इस विवाद ने ईरान और अमेरिका के बीच राजनयिक तनाव को और बढ़ा दिया है।
