ईरान के जर्मनी में राजदूत, मजीद नीली ने संयुक्त राज्य अमेरिका और जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन के तीन यूरोपीय देशों द्वारा ईरान के परमाणु मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भेजने के नवीनतम कदम की आलोचना की है। उन्होंने इसे “कानूनविहीनता” का एक और कार्य बताया है। राजदूत नीली ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष इन तीन यूरोपीय देशों ने इसी तरह की कार्रवाई की थी। यह कदम ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रहे तनावों के बीच आया है। ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण है। इस मसौदे के प्रस्ताव पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, इसे अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का उल्लंघन बताया है। इस मामले को लेकर आगे राजनयिक स्तर पर बातचीत जारी रहने की संभावना है।