ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने परमाणु निवारण पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के दोहरे मानदंड की तीखी आलोचना की है। प्रवक्ता ने कहा कि फ्रांस का रवैया विरोधाभासी है, क्योंकि वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता व्यक्त करते हैं जबकि अपने परमाणु निवारण क्षमताओं को बढ़ावा देते रहते हैं। उन्होंने कहा कि मैक्रों का दृष्टिकोण अंतरराष्ट्रीय मानदंडों और सिद्धांतों का उल्लंघन है। प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि ईरान अपने परमाणु अधिकारों का इस्तेमाल करेगा और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा। ईरान का कहना है कि वह केवल रक्षात्मक उद्देश्यों के लिए परमाणु तकनीक विकसित कर रहा है और इसका उद्देश्य किसी भी देश पर हमला करना नहीं है। उन्होंने फ्रांस से अपने रुख पर पुनर्विचार करने और ईरान के साथ सहयोग करने का आग्रह किया ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा दिया जा सके। मंत्रालय ने कहा कि सभी देशों को परमाणु हथियारों को खत्म करने की दिशा में काम करना चाहिए, न कि उनकी क्षमताओं को बढ़ाना।