बर्लिन स्थित ईरानी दूतावास ने ईरान पर अमेरिका और इज़राइल द्वारा किए गए सैन्य हमलों की पहली वर्षगांठ पर कुछ देशों की चुप्पी की कड़ी निंदा की है। दूतावास ने इस चुप्पी को ‘अविस्मरणीय’ बताया है, जिसका अर्थ है कि यह अपराध और इस पर कुछ देशों की प्रतिक्रिया को भुलाया नहीं जा सकता। यह बयान लंदन में ईरानी समाचार एजेंसी (IRNA) द्वारा जारी किया गया है। दूतावास ने विशेष रूप से उन देशों की ओर इशारा किया है जिन्होंने इस घटना पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह घटनाक्रम ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच आया है। दूतावास का यह बयान अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करता है। यह घटना ईरान के खिलाफ कथित आक्रामकता पर ईरानी दृष्टिकोण को दर्शाती है।