अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने ईरान से अपने परमाणु भंडार की जानकारी देने की मांग की है। ईरान ने इस प्रस्ताव को अमेरिका द्वारा समर्थित बताया है और इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया है। तेहरान का कहना है कि यह कदम परमाणु समझौते पर चल रही बातचीत को और जटिल बना सकता है। ईरान ने IAEA के प्रस्ताव की कड़ी आलोचना करते हुए इसे अनुचित बताया है। इस प्रस्ताव के पारित होने के बाद, ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है। IAEA का कहना है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं और पारदर्शिता आवश्यक है। ईरान का रुख इस मामले में आगे की बातचीत के लिए महत्वपूर्ण होगा।