ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के मानवाधिकारों के प्रति पक्षपातपूर्ण रवैये की कड़ी निंदा की है। तेहरान का कहना है कि उसे एक पीड़ित के बजाय एक उत्तरदायी के रूप में देखा जा रहा है। यह टिप्पणी 2025 में अमेरिका-इजराइल के कथित युद्ध के एक वर्ष बाद आई है। ईरान का आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय कुछ देशों के मानवाधिकार उल्लंघनों को अनदेखा कर रहा है, जबकि ईरान पर अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है। ईरानी अधिकारियों ने इस स्थिति को अन्यायपूर्ण बताया है और निष्पक्षता और जवाबदेही की मांग की है। उनका कहना है कि मानवाधिकारों का उल्लंघन कहीं भी हो, उसकी निंदा की जानी चाहिए, बिना किसी राजनीतिक विचार के। ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस दोहरे मापदंड को समाप्त करने और सभी देशों के साथ समान व्यवहार करने का आग्रह किया है।
